वन्यजीव प्रबंधन में प्रमाण-पत्र पाठयक्रम (तीन माह)



भारतीय वन्यजीव संस्थान

वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में वैज्ञानिक नियोजन, प्रबंधन तथा अनुसंधान के लिए जरूरी क्षमता वृद्धि से सम्बन्धित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वर्ष 1982 में एक स्वायत्तशासी संस्थान के रूप में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अन्तर्गत इस संस्थान की स्थापना की गई थी।

पाठ्यक्रम के उद्देश्य

इस पाठयक्रम के मुख्य उददेश्य हैं- (क) वन्यजीव प्रबन्धन में आधुनिक अवधारणाओं पर समझ एवं ज्ञान प्रदान करना, (ख) वैश्विक, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय, राज्य तथा स्थानीय स्तर पर संरक्षण सम्बन्धी नीतियों एवं विधान की जानकारियाँ तथा उन्हे लागू करने के लिये जरूरी तरीकों का ज्ञान उपलब्ध कराना, (ग) आधुनिक वैज्ञानिक विधियों, तकनीकों तथा साधनों के प्रयोग पर प्रशिक्षण तथा प्रयोगात्मक अनुभव प्रदान करना, जिनकी संरक्षण के लक्ष्यों के निर्देशन एवं आंकलन के लिए आवश्यकता पड़ती है, (घ) संरक्षण के लिये भू-दृश्य प्रयासों की जानकारी एवं वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबन्धन नियोजन के लिए कौशल विकसित करना, (ड) वन्यजीवों का बन्दीकरण, देखभाल तथा प्रबन्धन के साथ-साथ मानव-पशु टकराव सम्बन्धी मुद्दों का समाधान करने के लिए कौशल का विकास करना।

लक्ष्य समूह

यह सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम रेंज वन अधिकारियों अथवा उनके समकक्ष स्तर के तथा अन्य उन व्यावसायिकों के लिए है जो कि वन्यजीव संरक्षण, प्रबन्धन तथा नेतृत्व की भूमिका में रुचि रखने वाले एवं साथ-साथ वन्यजीव तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबन्धन क्षेत्रों में कार्य करेंगे।

योग्यता

यह सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम डिप्टी रेंज अधिकारियों/रेंज वन अधिकारियों के रैंक में सेवारत् वनाधिकारी तथा उनके समकक्ष स्तर के अधिकारियों के लिये है।

समकक्ष स्तर के वानिकी/पर्यावरणीय विज्ञान की पृष्ठभूमि एवं क्षेत्रीय अनुभव रखने वाले विदेशी अभ्यर्थियों को भी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जा सकता है बशर्ते उन्हें अंग्रेज़ी भाषा का पर्याप्त ज्ञान हो ।

अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम के प्रारम्भ होने की तिथि (1 नवम्बर 2016) को 35 वर्ष से अधिक एवं 45 वर्ष से कम आयु का होना चाहिए। उन्हें कठिन बाहरी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम होना चाहिए।

नामांकन

संस्थान द्वारा नामांकन प्रक्रिया राज्य वन विभागों/विदेशी सरकारों/ एजेंसियों से निर्धारित प्रपत्र में योग्य अभ्यर्थियों के नामांकन आमंत्रित किये जाने से प्रारम्भ होती है।  संलग्न निर्धारित प्रपत्र में जीवनवृत्त के सहित विदेशी अभ्यर्थियों का पासपोर्ट विवरण भरकर, फीस सहित, जहां लागू हो व प्रायोजक एजेंसी के अनुमोदन के साथ संस्थान को भेज दें। अभ्यर्थियों का चयन निर्धारित योग्यता मापदण्डों को पूर्ण करने पर “पहले आयें-पहले पायें” के आधार पर किया जायेगा।

इस संस्थान द्वारा ग्लोबल टाईगर फोरम् तथा अन्य संरक्षण के लिए प्रायोजक एजेंसियों से भी समान शैक्षिक स्तर के विदेशी अभ्यर्थियों के नामांकन स्वीकार किये जाते हैं।

अवधि

एक अकादमिक सत्र को पूरा करने के लिये इस पाठ्यक्रम की अवधि 1 नवम्बर, 2016 से 31 जनवरी 2017 तक तीन महीने के लिए है।

उपस्थिति

पाठ्यक्रम के सभी घटकों, दौरों, शैक्षणिक भ्रमणों, व्याख्यानों, प्रयोगों, परीक्षाओं, समूह विचार-विमर्शों तथा संगोष्ठी में भाग लेना अनिवार्य है।

पाठ्यक्रम की सूची

पाठ्यक्रम संरचना में व्यापक रूप से निम्नलिखित माॅड्यूल शामिल किये गये हैं-

1.  वन्यजीव प्रजातियां तथा प्राकृतिकवास
2.
 वन्यजीव आबादी का आकलन
3.
सुदूर सम्वेदन तथा जी0आई0एस0
4.
वन्यजीव प्रबंधन (बन्दीकरण एवं गतिहीन करने की विधियों के साथ-साथ मानव-पशु टकराव, वन्यजीव, स्वास्थ्य प्रबंधन, प्राकृतिक वास प्रबंधन, विधि (कानून), प्रबंधन प्लानिंग, प्रवर्तन एवं मॉनिटरिंग, बाह्य स्थानिक (एक्स-सिटू) संरक्षण तथा प्रबंधन, समुदाय तथा आउटरीच)

क्षेत्रीय दौरे

वन्यजीव ओरियेंटेषन/स्थानीय षैक्षणिक भ्रमणः प्राकृतिक ऐतिहासिक दृश्यों विशेषकर स्तनधारियों, सरीसृप, पक्षियों, पौधों, तितलियों की पहचान, मुख्य वनस्पतियों के प्रकारों से परिचय, वन्यजीवों की प्रत्यक्ष एवं परोक्ष परिस्थितियों के द्वारा पहचान के लिए गाइड के साथ पैदल भ्रमण। नमभूमि क्षेत्रों का दौरा, वन्यजीव सर्वेक्षण के लिए क्षेत्रीय उपकरणों- जी.पी.एस., रेंज फाइंडर, रेडियोटैगिंग, आदि के प्रयोग का प्रदर्शन। 

वन्यजीव तकनीक दौराः वन्यजीव जीवविज्ञान के प्रयोगात्मक पक्षों में वानस्पतिक एवं जैविक विविधता की विशेषताओं को जानना, वन्यजीव प्राकृतिक वासस्थल तथा उनकी मॉनिटरिंग  शामिल हैं। प्रतिभागियों को प्राकृतिक वास विवरण, मानचित्रीकरण तथा मूल्यांकन, वन्यजीव आबादी का अनुमान, बायोमास का अनुमान तथा प्रजातियों की आहार प्राथमिकताओं आदि विषयों पर अभ्यास करने आवश्यक होगे। प्रतिभागियों को क्षेत्र में सॅाफ्टवेयर का प्रयोग करते हुए एकत्र किये गये डाटा का विश्लेषण करने में प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रयोगशाला में मल नमूनों के प्रयोग आधारित विश्लेषणों को प्रदर्शित किया जायेगा।

वन्यजीव प्रबंधन दौराः इस दौरे में अधिकारी प्रशिक्षणार्थी वन्यजीव प्रबंधन के विभिन्न अभ्यासों को सीखने के लिए विशिष्ट संरक्षित क्षेत्रों तथा प्राणी उद्यानों का भ्रमण करेगें। वन्यजीव सुरक्षा तरीकों के अध्ययन कार्यक्षेत्रों तथा सीमाओं का प्रबंधन, बाहरी गांवों तथा मानवीय हस्तक्षेपों पर नियंत्रण सम्बन्धी मुद्दे, पर्यटन तथा संरचनात्मक प्रबंधन, वन्यजीव को हानि पहुंचाने पर रोक, प्राकृतिक वास प्रबंधन अभ्यास, पारिपर्यटन तथा पारिविकास क्रियाकलापों आदि विषयों पर विशेष बल दिया जायेगा।

इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण अवधि के दौरान समय-समय पर समीपवर्ती संरक्षित क्षेत्रों/संस्थानों/संस्थाओं/ चिड़ियाघरों में भी क्षेत्रीय दौरों का आयोजन किया जाता हैं।

योग्यता आकलन तथा पाठ्यक्रम पुरस्का

योग्यता आकलन, सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण भाग है, तथा यह क्षेत्रीय अभ्यासों के दौरान एवं कक्षाओं में मोड्यूल के अनुसार अधिकारी प्रशिक्षणार्थी की निष्पादन योग्यता पर निर्भर करेगा। यह आकलन समूह विचार-विमर्श, एसाइनमेंट, लिखित एवं मौखिक परीक्षा के आधार पर भी किया जायेगा।

प्रषिक्षण लागत

इस पाठ्यक्रम के लिए सभी प्रतिभागियों के लिए शुल्क अनिवार्य हैं। भारतीय प्रशिक्षणार्थियों के लिए शुल्क रूपये 3,20,000 तथा विदेशी अभ्यर्थियों के लिए $ 6000 होगा।

प्रशिक्षण भत्ता तथा पाठ्यक्रम में प्रवेश के समय आने एवं समाप्ति पर जाने का यात्रा व्यय प्रायोजक सरकार/एजेंसी द्वारा वहन किया जायेगा तथा उनके नियमों/शर्तों के अनुसार अभ्यर्थी को देय होगा।  पाठ्यक्रम की सम्पूर्ण अवधि के दौरान रहने व खाने का व्यय पाठ्यक्रम शुल्क में शामिल हैं।  पाठ्यक्रम शुल्क में स्थानीय यात्रा एवं कैम्पिंग फील्ड गीयर स्टेशनरी तथा पुस्तकें/अध्ययन सामग्री भी सम्मिलित हैं ।  प्रायोजक एजेंसियों को यह सुझाव है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के चिकित्सा उपचार के लिए अपने प्रायोजित अभ्यर्थियों का व्यापक बीमा अवश्य करवा लें। प्रशिक्षण अवधि के दौरान, चिकित्सकीय बिल की प्रतिपूर्ति, सम्बन्धित राज्य सरकारों/एजेंसी द्वारा की जायेगी।

इस पाठ्यक्रम में भारतीय तथा विदेशी अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय उपरोक्त राशि का एक बैंक ड्राफ्ट निदेशक, भारतीय वन्यजीव संस्थान के पक्ष में, जो देहरादून में देय हो, भेजना होगा। विकल्प के रूप में प्रायोजक एजेंसी द्वारा पाठ्यक्रम शुल्क ई-बैंकिंग के माध्यम से भी भुगतान किया जा सकता है । पाठ्यक्रम निदेशक से संबंधित बैंक के विवरण प्राप्त किये जा सकते हैं ।

अन्तिम तिथि

विदेशी अभ्यर्थियों एवं भारतीय अभ्यर्थियों के सभी प्रकार से पूर्ण किये गये नामांकन इस संस्थान को दिनांक 30 सितम्बर, 2016 तक अवश्य प्राप्त हो जाने चाहिए।

अधिक विवरण के लिए कृपया सम्पर्क करें

डा0 सोनाली घोष, भा.व.से.
पाठ्यक्रम निदेशक

डा
0 अभिजित दास

पाठ्यक्रम उपनिदेशक
वन्यजीव प्रबंधन में XXXII सर्टिफिकेट कोर्स
भारतीय वन्यजीव संस्थान
पो0 बॉक्स-18 चन्द्रबनी, देहरादून-248001, उत्तराखण्ड, भारत
दूरभाषः
+91-135-2646334/2646205  फैक्सः +91-135-2640117

ई-मेलः ghoshsonali@wii.gov.in, abhijit@wii.gov.in

कृपया ई-मेल द्वारा एक प्रति डीन, वन्यजीव वि़ज्ञान संकाय dean@wii.gov.in  को सूचनार्थ भेजें।
 

| विवरणिका (3.35 mb)  | आवेदन पत्र (674kb) | 

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