तीन नियमित पाठ्यक्रमों—अर्थात्उन्नत वन्यजीव प्रबंधन में 10 माह का स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम, वन्यजीव प्रबंधन में 3 माह का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमतथा 2 वर्षीय वन्यजीव विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम—के सुचारु एवं प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक सचिवीय और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य सेशैक्षणिक प्रकोष्ठका गठन किया गया है। यह प्रकोष्ठवन्यजीव विज्ञान संकाय के अधिष्ठाताके समग्र नियंत्रण एवं प्रबंधन में कार्य करता है।इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक प्रकोष्ठ विभिन्न राज्यों तथा स्वैच्छिक संगठनों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए अन्य अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों एवं उनसे संबंधित गतिविधियों का भी आयोजन करता है, जिनमें शामिल हैं—

  • 1-जंगली पशुओं का नियंत्रण एवं निष्क्रियकरण, संरक्षित क्षेत्रों में आगंतुक उपयोग प्रबंधन एवं व्याख्यात्मक योजना, पर्यावरण एवं सामाजिक प्रभाव आकलन, तथा आर्द्रभूमि एवं तटीय आवासों का प्रबंधन पर एक सप्ताह के मॉड्यूलर पाठ्यक्रम
  • 2-जैव विविधता संरक्षण एवं वन्यजीव सुरक्षा हेतु पारिस्थितिक विकास योजना, तथा भारतीय सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के लिए कानून एवं फॉरेंसिक विज्ञान में दो सप्ताह के पाठ्यक्रम
  • 2 एकीकृत वन्यजीव प्रबंधन योजनामें दो माह का मॉड्यूलर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
  • भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए दो एक-सप्ताह के अनिवार्य प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आदि।