तेज़ आर्थिक विकास के बीच वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करते हुए, भारतीय वन्य जीव संस्थान को संरक्षण से जुड़ी अनेक चुनौतियों और जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है। समग्र संरक्षण एवं प्रबंधन दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रमुख क्षेत्रों में विकासात्मक परियोजनाओं के पर्यावरणीय आकलन हेतु क्षमताओं का निर्माण एक प्राथमिक आवश्यकता के रूप में उभरा। इसी के प्रत्युत्तर में वर्ष 1993 में भारतीय वन्यजीव संस्थान मेंपर्यावरण प्रभाव आकलन प्रकोष्ठकी स्थापना की गई, जिसका निम्नलिखित दायित्व निर्धारित किया गया—
- विकासात्मक योजना में पर्यावरणीय पहलुओं के एकीकरण को प्रोत्साहित करना ।
- विकास परियोजनाओं के पर्यावरणीय मूल्यांकन में जैव विविधता संबंधी चिंताओं का समावेश सुनिश्चित करना ।
- पर्यावरणीय आकलन, पर्यावरणीय सूचनाओं के प्रभावी संकलन तथा विश्वसनीय निर्णय प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु नवाचारी कार्यविधियों, प्रणालियों एवं उपकरणों का विकास करना ।
- प्रशिक्षण, कार्यशालाओं एवं नियुक्ति अवसरों के माध्यम से संस्थानों एवं व्यक्तियों की क्षमताओं का निर्माण करना ।
- शीर्ष स्तर पर निर्णय-निर्माण हेतु परामर्शात्मक सहयोग प्रदान करना।