एक से तीन सप्ताह की अवधि के लघु पाठ्यक्रम एवं कार्यशालाएँ विभिन्न विषय क्षेत्रों में विशिष्ट विषयों और तकनीकों पर आयोजित की जाती हैं। ये पाठ्यक्रम/कार्यशालाएँ प्रतिभागियों के व्यापक लक्षित समूहों—जैसे चिड़ियाघरों और पशु चिकित्सा संस्थानों, केंद्रीय सेवाओं, कानून प्रवर्तन एजेंसियों एवं सशस्त्र बलों, गैर-सरकारी संगठनों आदि—के लिए उपलब्ध होती हैं, जिन्हें सामान्यतः संस्थान के नियमित पाठ्यक्रमों में शामिल नहीं किया जाता।
नियमित रूप से आयोजित किए जाने वाले ऐसे कुछ पाठ्यक्रम एवं कार्यशालाएँ निम्नलिखित हैं:-
वन्यजीव प्रबंधन में कैप्सूल कोर्स
एक सप्ताह एवं दो सप्ताह की अवधि के दो पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ये पाठ्यक्रम भारतीय वन सेवा के मुख्य वन संरक्षक, वन संरक्षक, उप वन संरक्षक तथा सहायक वन संरक्षक स्तर के अधिकारियों के लिए अनिवार्य हैं। इन पाठ्यक्रमों में संरक्षण से संबंधित मुद्दों का समग्र अवलोकन प्रस्तुत किया जाता है तथा आसपास रहने वाले समुदायों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इन समस्याओं से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा की जाती है।
व्याख्या एवं संरक्षण शिक्षा
यह 10-दिवसीय पाठ्यक्रमसंरक्षितक्षेत्रों, चिड़ियाघरों, सशस्त्र बलों, गैर-सरकारी संगठनों, वन्यजीव पर्यटन एजेंसियों तथा प्रकृति शिविर आयोजकों, और औपचारिक एवं अनौपचारिक शिक्षकों के प्रतिभागियों के लिए खुला है। यह पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को आम जनता के लिए विचारों और सूचनाओं को प्रस्तुत करने के विभिन्न दृष्टिकोणों एवं विधियों को सीखने में सक्षम बनाता है तथा प्रभावी संप्रेषण के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल प्रदान करता है।
लुप्तप्राय प्रजातियाँ एवं चिड़ियाघर प्रबंधन
दो पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं—एक चिड़ियाघर निदेशकों/प्रबंधकों, संस्थान प्रमुखों, वरिष्ठ पशु चिकित्सकों एवं क्यूरेटरों के लिए तथा दूसरा मध्य-स्तरीय चिड़ियाघर पर्यवेक्षण अधिकारियों एवं तकनीशियनों के लिए। ये पाठ्यक्रम आधुनिक चिड़ियाघर प्रबंधन के आवश्यक घटकों पर केंद्रित हैं तथा मानकों में सुधार हेतु तकनीकों और उपायों से प्रतिभागियों को परिचित कराते हैं।
पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण
यह पाठ्यक्रम पर्यावरणीय मुद्दों एवं समस्याओं की समझ प्रदान करता है तथा संरक्षण में विभिन्न पर्यावरणीय समूहों की प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष भूमिका की पहचान करने का प्रयास करता है। साथ ही प्रतिभागियों को पारिस्थितिक पहलुओं से संबंधित जानकारी के संग्रह, विश्लेषण एवं प्रसार की तकनीकों से भी परिचित कराया जाता है।
भारत में अवैध वन्यजीव व्यापार पर नियंत्रण
इस पाठ्यक्रम के प्रतिभागियों में सीमा शुल्क, पुलिस, राजस्व खुफिया, सीबीआई, वन्यजीव एवं वन विभागों, विधि क्षेत्र, तटरक्षक बल, सीमा सुरक्षा बल, अन्य अर्द्धसैनिक बलों तथा गैर-सरकारी संगठनों के अधिकारी शामिल होते हैं। पाठ्यक्रम में वन्यजीव व्यापार एवं शिकार से संबंधित कानूनों और मुद्दों, भारत में शिकार-रोधी उपायों तथा अवैध वन्यजीव व्यापार पर नियंत्रण में विभिन्न एजेंसियों के योगदान पर चर्चा की जाती है।इसमें मॉर्फोमेट्रिक्स के माध्यम से वन्यजीवों के अंगों एवं उत्पादों की पहचान के व्यावहारिक प्रदर्शन शामिल हैं तथा वन्यजीव फॉरेंसिक में प्रयुक्त तकनीकों एवं विधियों पर व्याख्यान भी दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, विशिष्ट विषयों/तकनीकों पर लघु पाठ्यक्रम एवं कार्यशालाएँ भी समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, जैसे—वन्यजीव जनसंख्या आकलन, आवास मूल्यांकन, वन्यजीव स्वास्थ्य, जंगली जानवरों का रासायनिक नियंत्रण (केमिकल रेस्ट्रेंट), पर्यटन एवं संबंधित पहलू, रिमोट सेंसिंग एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली तथा पर्यावरणीय प्रभाव आकलन।
भा .व सं द्वारा आयोजित लघुअवधि पाठ्यक्रमों की सूची
| क्रम सं. | पाठ्यक्रम का प्रकार | लक्षित समूह | उद्देश्य | अप्रैल 2000 तक आयोजित पाठ्यक्रमों की संख्या | अप्रैल 2000 तक प्रतिभागियों की संख्या |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. | भारतीय वन सेवा (आईएफ़एस) अधिकारियों के लिए वन्यजीव प्रबंधन में एक सप्ताह का पाठ्यक्रम | भारतीय वन सेवा (आईएफ़एस) अधिकारियों के लिए ऊर्ध्वाधर रूप से एकीकृत पाठ्यक्रम | वन्यजीव संरक्षण की अनिवार्यताओं पर उन्मुखीकरण प्रदान करने हेतु |
9
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171
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| 2. | भारतीय वन सेवा (आईएफ़एस) अधिकारियों के लिए वन्यजीव प्रबंधन में दो सप्ताह का पाठ्यक्रम | -तदैव- | -तदैव- |
4
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69
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| 3. | भारतीय वन सेवा (आईएफ़एस) अधिकारियों के लिए वन्यजीव प्रबंधन में तीन सप्ताह का पाठ्यक्रम | संरक्षित क्षेत्र प्रबंधकों के लिए | संरक्षित क्षेत्रों में तैनात, परंतु संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन में औपचारिक प्रशिक्षण न रखने वाले अधिकारियों को वन्यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन का उन्मुखीकरण प्रदान करने हेतु। |
5
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81
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| 4. | वन अधिकारियों के लिए व्याख्या एवं संरक्षण शिक्षा में दो सप्ताह का पाठ्यक्रम | संरक्षित क्षेत्र एवं चिड़ियाघर प्रबंधकों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), रक्षा कर्मियों तथा अन्य के लिए। | संरक्षण शिक्षा, वन्यजीव व्याख्या तथा संप्रेषण के कौशल एवं तकनीकें प्रदान करने हेतु। |
4
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66
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| 5. | अखिल भारतीय सेवाओं एवं केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए एक सप्ताह का पाठ्यक्रम | वरिष्ठ अखिल भारतीय सेवाएवं समूह ‘ए’ सेवा अधिकारियों के लिए | वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यावरणीय सुरक्षा के भूमि-उपयोग पहलुओं पर उन्मुखीकरण प्रदान करने हेतु |
1
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20
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| 6. | पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण पर एक सप्ताह की कार्यशाला | सेना अधिकारियों के लिए | प्रकृति संरक्षण का उन्मुखीकरण एवं उसमें सेना की भूमिका. |
5
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140
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| 7. | चिड़ियाघर प्रबंधन में कैप्सूल पाठ्यक्रम | वरिष्ठ एवं मध्य-स्तरीय चिड़ियाघर पेशेवरों के लिए | बंधक वन्यजीवों के लिए उन्नत प्रबंधन रणनीति तैयार करने हेतु |
8
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171
|
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कुल
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36
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718
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