भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून, वन्यजीव विज्ञान, मीठे जल की पारिस्थितिकी तथा पक्षिविज्ञान (सैकान) में प्रतिष्ठित स्नातकोत्तर (मास्टर)कार्यक्रम प्रदान करता है। ये दो वर्षीय आवासीय पाठ्यक्रम युवा पेशेवरों को वन्यजीव पारिस्थितिकी, संरक्षण जीवविज्ञान तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के वैज्ञानिक सिद्धांतों में प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। कार्यक्रम में कठोर शैक्षणिक प्रशिक्षण के साथ व्यापक क्षेत्रीय प्रशिक्षण शामिल है, जो सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के बीच एक अनूठा संतुलन प्रदान करता है।

पाठ्यक्रम में पारिस्थितिकी, वन्यजीव जीवविज्ञान, आवास प्रबंधन, जैव-सांख्यिकी, रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस, संरक्षण आनुवंशिकी, पर्यावरण कानून तथा वन्यजीव प्रबंधन के मानव आयाम जैसे विविध विषय शामिल हैं। फील्ड मॉड्यूल इस कार्यक्रम का अभिन्न अंग हैं और इनमें विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों तथा अनुसंधान पद्धतियों का प्रत्यक्ष अनुभव शामिल होता है।

इस कार्यक्रम में प्रवेश अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक है, जो राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा एवं साक्षात्कार के माध्यम से किया जाता है। चयनित छात्रों को वजीफा तथा भा.व.सं की विश्वस्तरीय अनुसंधान सुविधाओं — जैसे प्रयोगशालाएँ, जी आई एससुविधाएँ और संदर्भ संकलन का उपयोग प्रदान किया जाता है।

इस कार्यक्रम के स्नातक संरक्षण अनुसंधान, सरकारी सेवाएँ, गैर-सरकारी संगठन तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में करियर बनाने या उच्च शैक्षणिक अनुसंधान जारी रखने के लिए पूरी तरह सक्षम होते हैं। इस कार्यक्रम ने भारत के कई प्रमुख वन्यजीव वैज्ञानिकों और संरक्षण विशेषज्ञों को तैयार किया है, जिन्होंने राष्ट्रीय एवं वैश्विक जैव-विविधता संरक्षण प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।