पाठ्यक्रम उद्देश्य
पाठ्यक्रम के मुख्य उद्देश्य हैं कि वन्यजीव प्रबंधन की आधुनिक अवधारणाओं पर समझ और ज्ञान प्रदान किया जाए, वैश्विक एवं स्थानीय स्तर पर प्रासंगिक संरक्षण नीतियों, विधानों तथा उनके प्रवर्तन तंत्र की जानकारी दी जाए, जैव विविधता के आकलन एवं संरक्षण लक्ष्यों की निगरानी के लिए आवश्यक आधुनिक वैज्ञानिक विधियों, तकनीकों और उपकरणों के उपयोग में व्यवहारिक अनुभव एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, संरक्षण के परिदृश्य-आधारित दृष्टिकोण की समझ तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन योजना के लिए कौशल विकसित किए जाएँ, तथा मानव–वन्यजीव संघर्ष के समाधान हेतु वैज्ञानिक कौशल विकसित किए जाएँ, जिनमें वन्य प्राणियों का पकड़ना, हैंडलिंग, देखभाल एवं प्रबंधन शामिल है
लक्षित समूह तथा सीटें
प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम सेवारत रेंज फॉरेस्ट अधिकारी/उप रेंज अधिकारी अथवा समकक्ष पदों पर कार्यरत उन कर्मियों के लिए अभिकल्पित है, जो सरकार, गैर-सरकारी संगठनों तथा निजी संस्थाओं के वन्यजीव एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन क्षेत्रों में कार्यरत हैं और जिनकी रुचि वन्यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन में है।
इस पाठ्यक्रम में कुल 30 सीटें उपलब्ध हैं तथा सीटों का आवंटन प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर किया जाएगा।
योग्यता
यह पाठ्यक्रम सेवारत रेंज फॉरेस्ट अधिकारी/उप रेंज अधिकारी अथवा समकक्ष पद के उन अधिकारियों के लिए है, जिनके पास न्यूनतम उच्च माध्यमिक (12वीं) योग्यता तथा वानिकी में मूलभूत प्रशिक्षण हो। जिन विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर पर वानिकी या वन्यजीव विषय पढ़ाया जाता है, वे भी अपने इच्छुक संकाय सदस्यों को इस पाठ्यक्रम के लिए नामांकित कर सकते हैं।
वानिकी/पर्यावरण विज्ञान में समकक्ष शैक्षणिक पृष्ठभूमि तथा क्षेत्रीय अनुभव रखने वाले विदेशी अभ्यर्थियों को भी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जा सकता है। ऐसे अभ्यर्थियों के पास अंग्रेज़ी भाषा का पर्याप्त ज्ञान होना वांछनीय है।
भारतीय एवं विदेशी दोनों प्रकार के अभ्यर्थियों की आयु वरीयता के अनुसार 35 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा 1 नवम्बर 2025 को 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही अभ्यर्थियों का शारीरिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है, ताकि वे कठिन बाह्य प्रशिक्षण कार्यक्रम को सहन कर सकें।