वन्यजीव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला

भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई), देहरादून स्थित वन्यजीव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला एक विशिष्ट सुविधा है, जो वन्यजीव अनुसंधान, निगरानी एवं संरक्षण में उन्नत तकनीकी उपकरणों और विधियों के एकीकरण के लिए समर्पित है। यह अंतर्विषयक प्रयोगशाला आँकड़ा-आधारित निर्णय-निर्माण को सुदृढ़ बनाते हुए वैज्ञानिक अनुसंधानों को सशक्त करती है तथा संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों के लिए तकनीकी समाधान प्रदान करती है।

मुख्य कार्य एवं फोकस क्षेत्र

वन्यजीव निगरानी एवं सर्वेक्षण सहयोग


यह प्रयोगशाला कैमरा ट्रैप, जीपीएस एवं वीएचएफ टेलीमेट्री तथा ध्वनिक रिकॉर्डर जैसे उपकरणों का उपयोग कर क्षेत्र-आधारित निगरानी के डिजाइन एवं क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाती है। ये उपकरण पशु आबादी के आकलन, व्यवहार अध्ययन तथा विशेषकर दुर्लभ एवं व्यापक क्षेत्र में विचरण करने वाली प्रजातियों की गतिविधियों को समझने में अत्यंत उपयोगी हैं।

भू-स्थानिक विश्लेषण एवं सुदूर संवेदन


भौगोलिक सूचना प्रणाली सॉफ़्टवेयर एवं उपग्रह आँकड़ा प्रसंस्करण क्षमताओं से युक्त यह प्रयोगशाला आवास मानचित्रण, गलियारा पहचान तथा भूमि-उपयोग परिवर्तन विश्लेषण करती है। ये आकलन परिदृश्य-स्तरीय संरक्षण योजना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

ड्रोन अनुप्रयोग एवं हवाई सर्वेक्षण


यह प्रयोगशाला मानवरहित हवाई वाहनों का उपयोग कर वन्यजीव गणना, अवैध शिकार निरोधक गश्त तथा आवास आकलन में अग्रणी भूमिका निभाती है, विशेषकर दुर्गम एवं कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वर्गीकरण प्रणालियों के साथ संयोजित ड्रोन चित्रों का उपयोग तीव्र आवास मूल्यांकन के लिए किया जा रहा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग का एकीकरण


प्रयोगशाला में प्रजाति पहचान, कैमरा ट्रैप छवियों में प्रतिरूप पहचान तथा वास्तविक-समय आँकड़ा प्रसंस्करण के लिए मशीन लर्निंग मॉडल विकसित एवं लागू किए जाते हैं। इससे स्वचालित पहचान संभव होती है तथा सर्वेक्षणों की दक्षता में वृद्धि होती है।

आँकड़ा प्रबंधन एवं वास्तविक-समय प्रणालियाँ


यह प्रयोगशाला वास्तविक-समय आँकड़ा संग्रह एवं प्रसंस्करण प्लेटफार्मों का सहयोग प्रदान करती है, जो स्मार्ट गश्तीकरण जैसी पहलों तथा वन विभागों एवं संरक्षित क्षेत्र प्रबंधकों द्वारा उपयोग की जाने वाली डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणालियों के लिए आवश्यक हैं।

क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण


वन्यजीव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला वन अधिकारियों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों को वन्यजीव विज्ञान में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर प्रशिक्षण देने का एक प्रमुख केंद्र भी है। टेलीमेट्री, ड्रोन संचालन, जीआईएस मानचित्रण तथा आँकड़ा विश्लेषण पर नियमित रूप से कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं को सहयोग


यह प्रयोगशाला अखिल भारतीय बाघ आकलन, हाथी निगरानी तथा भारत में हिम तेंदुआ जनसंख्या आकलन जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों को तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करती है। साथ ही, यह अंतरराष्ट्रीय संरक्षण एवं अनुसंधान संगठनों के साथ सहयोगी परियोजनाओं में भी योगदान देती है।

समग्र रूप से, भारतीय वन्यजीव संस्थान की वन्यजीव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला पारंपरिक पारिस्थितिक अनुसंधान के साथ अत्याधुनिक तकनीक के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो नवाचार, सटीकता एवं अंतर्विषयक दृष्टिकोण के माध्यम से भारत में वन्यजीव संरक्षण पद्धतियों को आगे बढ़ा रही है।