राजस्व अधिकारियों के लिए वन्यजीव व्यापार एवं फॉरेंसिक्स पाठ्यक्रम

भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के अधिकारी प्रशिक्षुओं के लिए “वन्यजीव संरक्षण, विधि एवं फॉरेंसिक विज्ञान” शीर्षक से एक विशेष एक-सप्ताह का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करता है। यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (नैसिन), फरीदाबाद के सहयोग से संचालित किया जाता है और इसका उद्देश्य वन्यजीव अपराध तथा अवैध व्यापार से निपटने के लिए प्रवर्तन कार्मिकों की क्षमता का विकास करना है।

राजस्व अधिकारियों के लिए वन्यजीव व्यापार एवं फॉरेंसिक्स पाठ्यक्रम

यह पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को भारत के वन्यजीवों, उनके संरक्षण के महत्व तथा जैव विविधता की रक्षा के लिए उपलब्ध विधिक और फॉरेंसिक तंत्रों की व्यापक समझ प्रदान करता है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं :

  • प्रशिक्षुओं को भारत में वन्यजीव पारिस्थितिकी और संरक्षण के मूल सिद्धांतों से परिचित कराना।
  • वन्यजीव संरक्षण के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढाँचों से अवगत कराना, जिसमें वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, साइट्स तथा संबंधित नीतियों के अंतर्गत प्रवर्तन तंत्र शामिल हैं।
  • वन्यजीव फॉरेंसिक्स का अवलोकन प्रदान करना, जिसमें वन्यजीव अपराध जांच में वैज्ञानिक तकनीकों की भूमिका शामिल है।
  • अवैध व्यापार में सामान्यतः शामिल वन्यजीव उत्पादों और उनके अवयवों की पहचान में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण रणनीतियों का प्रत्यक्ष अनुभव देने हेतु कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व जैसे किसी प्रमुख संरक्षित क्षेत्र का क्षेत्रीय भ्रमण कराना।

इस पाठ्यक्रम में व्याख्यान तथा व्यवहारिक सत्र शामिल हैं, जिन्हें भा.व सं ,उत्तराखंड वन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरणतथा बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया जाता है। यह अंतर-एजेंसी प्रशिक्षण मॉडल विभिन्न विभागों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है और सीमा बिंदुओं एवं सीमा शुल्क संचालन में वन्यजीव तस्करी से निपटने तथा कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय राजस्व सेवा अधिकारियों की क्षमताओं को सुदृढ़ करता है।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय प्रवर्तन तंत्रों के साथ वन्यजीव संरक्षण के एकीकरण तथा महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति सिविल सेवाओं को संवेदनशील बनाने के प्रति डब्ल्यूआईआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।